भारत की अध्यक्षता में 18वां BRICS शिखर सम्मेलन शनिवार से नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक ‘भारत मंडपम’ में शुरू हो रहा है। राजधानी नई दिल्ली इस भव्य अंतरराष्ट्रीय आयोजन के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। दो दिवसीय इस शिखर सम्मेलन में दुनिया की 11 प्रमुख उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाएं भाग ले रही हैं, जिनमें भारत, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं। भारत की अध्यक्षता की आधिकारिक थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” (सुदृढ़ता, नवाचार, सहयोग और निरंतरता का निर्माण) है।
वैश्विक नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भागीदारी शिखर सम्मेलन में दुनिया के कई प्रमुख वैश्विक नेता हिस्सा ले रहे हैं:
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शीर्ष राष्ट्राध्यक्ष: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली शामिल हैं।
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विशेष प्रतिनिधि: ब्राजील का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री माउरो विएरा और सऊदी अरब का प्रतिनिधित्व वहां के विदेश मंत्री शहजादा फैसल बिन फरहान अल सऊद कर रहे हैं।
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विशेष आमंत्रित नेता: मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग भी सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।
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अंतरराष्ट्रीय संगठन: संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस, डब्ल्यूएचओ (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम गेब्रेयेसस और न्यू डेवलपमेंट बैंक की अध्यक्ष डिल्मा रूसेफ भी इस शिखर सम्मेलन का हिस्सा बन रहे हैं।
पीएम मोदी की द्विपक्षीय वार्ताएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिखर सम्मेलन के इतर कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भी अहम द्विपक्षीय बैठक होगी।
विदेशी मेहमानों का आगमन शुरू रूस के राष्ट्रपति और ब्राजील के विदेश मंत्री गुरुवार रात ही राष्ट्रीय राजधानी पहुंच गए। वहीं दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंचे। ईरान, इंडोनेशिया, मिस्र, फिलीपींस और बुरुंडी के राष्ट्रपति, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस तथा मलेशिया व इथियोपिया के प्रधानमंत्री भी शुक्रवार को दिल्ली पहुंच रहे हैं।
BRICS समूह का इतिहास और विस्तार
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शुरुआत: सितंबर 2006 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान विदेश मंत्रियों की बैठक में इस समूह को औपचारिक रूप दिया गया था।
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पहला सम्मेलन: पहला BRIC शिखर सम्मेलन 16 जून 2009 को येकातेरिनबर्ग (रूस) में आयोजित हुआ था।
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दक्षिण अफ्रीका का जुड़ना: सितंबर 2010 में दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने के बाद BRIC ‘BRICS’ बन गया, जिसने 2011 के सान्या (चीन) सम्मेलन में पहली बार हिस्सा लिया।
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महा-विस्तार: जनवरी 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और UAE के जुड़ने से इसका दायरा काफी बढ़ गया।
चौथी बार भारत के पास कमान भारत ने इस वर्ष 1 जनवरी को BRICS की अध्यक्षता संभाली थी। यह चौथा अवसर है जब भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है; इससे पहले भारत ने 2012, 2016 और 2021 में इस समूह की सफलतापूर्वक अध्यक्षता की थी।